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26 January Speech in Hindi For Student Teacher 2019

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26 January Speech in Hindi For Student Teacher

26 January Speech in Hindi दोस्तों आप सभी को पता है बस कुछ दिन में ही Republic Day (26 January) आने वाला है. और आप सभी को बताने की बिकुल भी जरुरत नहीं है की हम देश वासी इस राष्ट्र पर्व गणतंत्र दिवस को कितनी हर्ष और उलाश के साथ मानते है. विशेष रूप से स्कूलों में छात्रों के द्वारा। विद्यार्थी, गणतंत्र दिवस पर बिभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेते है जो की उनके अद्वितीय कौशल और ज्ञान को दर्शाता है। भाषण देना और समूह चर्चा कुछ ऐसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं जिसमे बच्चे भाग लेते हैं और अपना कौशल दिखाते है।

तो दोस्तों सबसे पहले आप सभी को Techinsidetips.com की तरफ से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. दोस्तों मैं आज हम आपको “26 January Bhashan” देने वाले है 26 जनवरी पर लिखे गए, भाषण की सहायता से सभी अध्यापक गणों को गणतंत्र दिवस पर भाषण देने में सहायता मिलेगी साथ ही वे हमारे द्वारा लिखे गए भाषण की सहायता से लोगों को गणतंत्र दिवस के सही मायने बता पाएंगे.

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26 January Speech in Hindi For Student

मेरी आदरणीय प्रधानाध्यापक मैडम, मेरे आदरणीय सर और मैडम और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार। हमारे गणतंत्र दिवस पर कुछ बोलने के लिये ऐसा एक महान अवसर देने के लिये मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा। मेरा नाम कारण शर्मा (आपना नाम दे यहाँ पे) है और मैं कक्षा 6 में पढ़ता हूँ।

आज, हमारे राष्ट्र के 70वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं। हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये। हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। हमलोग 1950 से ही लगातार भारत का गणतंत्र दिवस मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है। विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा आदि। अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है।

धन्यवाद, जय हिन्द!

26 January Speech in Hindi For Student (Short)

मैं अपने आदरणीय प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षिका, और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम सभी यहाँ अपने राष्ट्र का 70वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए हैं। ये हम सभी के लिये बेहद शुभ अवसर है। 1950 से, हम गणतंत्र दिवस को हर वर्ष ढ़ेर सारे हर्ष और खुशी के साथ मनाते हैं। उत्सव की शुरुआत के पहले, हमारे मुख्य अतिथि देश के राष्ट्रीय ध्वज़ को फहराते हैं। इसके बाद हम सभी खड़े होते हैं और राष्ट्र-गान गाते हैं जो कि भारत की एकता और शांति का प्रतीक है। हमारा राष्ट्र-गान महान कवि रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है।

हमारे राष्ट्रीय ध्वज़ में तीन रंग और 24 बराबर तीलियों के साथ मध्य में एक चक्र है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज़ के सभी तीन रंगों का अपना अर्थ है। सबसे ऊपर का केसरिया रंग हमारे देश की मजबूती और हिम्मत को दिखाता है। मध्य का सफेद रंग शांति को प्रदर्शित करता है जबकि सबसे नीचे का हरा रंग वृद्धि और समृद्धि को इंगित करता है। ध्वज़ के मध्य में 24 बराबर तीलियों वाला एक नेवी नीले रंग का चक्र है जो महान राजा अशोक के धर्म चक्र को प्रदर्शित करता है।

हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि 1950 में ही इस दिन भारतीय संविधान अस्तित्व में आया था। गणतंत्र दिवस उत्सव में, इंडिया गेट के सामने नयी दिल्ली में राजपथ़ पर भारत की सरकार द्वारा एक बड़ा आयोजन किया जाता है। हर साल, इस उत्सव की चमक को बढ़ाने के साथ ही “अतिथि देवो भव:” के कथन के उद्देश्य को पूरा करने के लिये एक मुख्य अतिथि (देश के प्रधानमंत्री) को बुलाया जाता है। भारतीय सेना इस अवसर पर परेड के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज़ को सलामी देती है। भारत में विविधता में एकता को प्रदर्शित करने के लिये अलग-अलग राज्यों के द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक बड़ी प्रदर्शनी भी दिखायी जाती है।

“26 January Long Bhashan For Student in Hindi”

सम्मानीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सहपाठियों को सुबह की नमस्ते। मेरा नांम…….। मैं कक्षा…….में पढ़ता/पढ़ती हूँ। मैं आपके सामने गणतंत्र दिवस पर भाषण दे रहा/रही हूँ। मैं अपने कक्षा अध्यापक की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया। मेरे प्यारे मित्रों, हम इस राष्ट्रीय उत्सव को हर साल संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाया जाता है।

ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, हांलाकि, पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है। मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर होता है। एक भव्य समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है।

इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था। 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया।

इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया। हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया। हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है।

हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था। इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे। संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था। प्रारुप समिति के मुख्य सदस्य डॉ.भीम राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, गणेश वासुदेव मालवांकर, सी.राजगोपालचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कैन्हया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्टुस कलाम आजाद, नालिनी रजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे।

प्रारुप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग 30 से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जाति से थे। समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी। भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है।

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, हांलाकि, संविधान को ग्रहण करने के बाद ये सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था। राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसके बाद राष्ट्रीयगान जन-गण-मन गाया जाता है। भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है। स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं। भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है।

धन्यवाद, जय हिन्द

Republic Day Speech in Hindi For Teacher

आज गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर में हमारे बीच पधारे हुए मुख्य अतिथि _______ कुमार, प्राचार्य जी, माताओं, बहनों-भाइयों एवं बच्चों का स्वागत करता हूं.

जैसा कि हम जानते है 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से हमारे देश को आजादी मिली थी और 3 वर्ष के बाद आज के ही दिन 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था. मैं आज उन सभी वीर शहीदों और उनके माता-पिता को शत शत प्रणाम करना चाहता हूं जिन्होंने हमारे देश को अंग्रेजों से आजादी दिलवाई.

आज अगर हम आजाद हैं तो वीर शहीदों के बलिदान के कारण ही है. हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए की आजादी के लिए शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव ने हंसते हंसते फांसी को गले लगा लिया था.

हमारे देश को आजादी दिलाने वाले महात्मा गांधी जी, नेहरू जी, शास्त्री जी, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और अन्य वीर शहीदों ने हमारे देश को आजाद कराने के लिए बहुत संघर्ष किया है और इस भारत माता की मिट्टी के लिए बलिदान दिया है.

हमें उनके बलिदान को कभी भूलना नहीं चाहिए उन्होंने हमारे भारत देश को एक सुंदर देश बनाने का सपना देखा था लेकिन आज स्थितियां वैसे ही नहीं है आज हर तरफ भ्रष्टाचार, भुखमरी, गरीबी और बेरोजगारी दिखाई दे रही है हम युवाओं को मिलकर इन कुरूतियो से लड़ना होगा और नए भारत का निर्माण करना होगा.

इसी के साथ मैं अपने शब्दों को विराम देता हूं जय हिंद जय भारत

26 January Speech in Hindi for Teacher 350 Words

मैं आप सभी का देश के सबसे बड़े उत्सव गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर स्वागत करता हूं मैं सभी से निवेदन करता हूं कि मेरे साथ एक बार सभी लोग जोर से बोले जय हिंद-वंदे मातरम.

इस शुभ अवसर पर आज हमारे बीच मुख्य अतिथि के रूप में पधारे हुए जिला कलेक्टर श्रीमान ______ वर्मा जी एसडीएम ______ जी, मेरे साथी सभी शिक्षक गण, माताएं बहने और सभी विद्यार्थियों का अभिनंदन करता हूं कि वे आज देश के सबसे बड़े उत्सव में शामिल हुए.

आज के दिन ही 26 जनवरी 1950 को हमारा देश का संविधान लागू हुआ था जिसने हमें पूरे देश में स्वतंत्रता पूर्वक रहने की आजादी दी थी.

हमारे देश की आजादी के लिए देश की आन बान शान के लिए देश के गौरव के लिए जिन वीर शहीदों और महान लोगों ने अपना योगदान दिया है क्रूर ब्रिटिश शासन की यातनाएं झेली है, अपना खून बहाया है, बलिदान दिया हैत्याग और तपस्या की पराकाष्ठा की है ऐसे सभी महानुभावों को माता बहनों को और हमारी पवित्र मातृभूमि को मैं हमारे सभी देश वासियों की तरफ से शत-शत नमन करता हूं.

हमारे देश को आजादी दिलाने के लिए पूरे देश ने 1942 से लेकर सन 1947 तक पूरे देश ने एक सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया ब्रिटिश शासन के नाक में दम ला दिया और 5 साल के भीतर-भीतर ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंका.

आज वर्तमान में कुछ नई समस्याएं हमारे देश को खोखला बना रही है आज हर तरफ भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी बेरोजगारी, प्रदूषण, बलात्कार, जाति धर्म जैसी समस्याएं बढ़ रही है. इन समस्याओं को हमें जल्द से जल्द धूल चटानी होगी.

मैं उन सभी युवाओं और हमारे सामने बैठे हुए भारत की भावी पीढ़ी को एक ही संदेश देना चाहता हूं की एक सुंदर और अच्छा भारत बनाना चाहते हो तो आज ही सभी दृढ़ संकल्प और एकजुट होकर देश का निर्माण करना होगा. हमें समाज में उठ गई बुराइयों को फन उठाने से पहले ही कुचल देना होगा इसी के साथ में अपने शब्दों को विराम देना चाहूंगा.

स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, वंदे मातरम

26 January Speech in Hindi for Teacher

आज गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक पर्व पर प्रांगण में पधारे हुए सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं आज हमारे बीच गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी _____ कुमार, प्रधानाचार्य ______ कुमार जी मेरे साथी शिक्षकगण और सभी विद्यार्थियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं. मैं आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयां देता हूं.

इस गणतंत्र दिवस पर कुछ पंक्तियां मुझे याद आ रही है जो कि कुछ इस प्रकार है –

“काश मेरी जिंदगी में शरहदो की कोई शाम आए
काश मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए 
ना खोफ है मौत का, ना आरजू है मौत की
मगर जब कभी जिक्र हो शहीदों का 
काश मेरा भी नाम आए, काश मेरा भी नाम आए”

आज मैं उनसे भी वीर शहीदों माताओं बहनों को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपना खून बहाया और बलिदान दिया है उनके इस बलिदान का कर्ज तो हम कभी नहीं उतार सकते लेकिन उनके इस उपकार के लिए पूरा देश जीवन भर उनका कृतज्ञ रहेगा.

आज के ही दिन 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था जिसको भीमराव रामजी अंबेडकर ने देशवासियों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा लैंगिक और आर्थिक समता के अधिकार के लिए लिखा था. आज हमारा देश पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है.

आज हमारे संविधान को लागू हुए 70 वर्ष हो चुके है यह बात बताती है कि हमारा संविधान कितना मजबूत एवं कितना सच्चा है जिस का डंका आज हर देश विदेश में बजता है आज पूरी दुनिया भर में हर छठा व्यक्ति भारतीय है जोकि हमारी विशालता को प्रदर्शित करता है.

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मैं विद्यार्थियों को कुछ बात बताना चाहूंगा जिससे भी जीवन में नई उपलब्धियों को पा सके. आज हमारे देश ने बहुत प्रगति कर ली है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में आज भी पिछड़ा हुआ है जो कि हमारे ऊपर एक कलंक के समान है.

आज भी कई सारे निर्धन बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते है जिसके कारण वे बाल मजदूरी करते है या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आ जाते हैं जिससे वे नशा करने लग जाते हैं और फिर बुरी लत में पड़ने के बाद चोरी-चकारी धोखा देना इत्यादि चीजों को अपना लेते हैं जिसके कारण उनका पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है.

आज जो भी विद्यार्थी पढ़ लिख पा रहे है वह बहुत खुशनसीब है क्योंकि पढ़ने का मौका हर किसी को नहीं मिलता लेकिन कुछ विद्यार्थी पढ़ लिख कर भी निराशा पूर्वक जीवन को जीते है मैं उन विद्यार्थियों से कहना चाहूंगा कि आप अगर चाहें तो कुछ भी कर सकते है.

किसी महान व्यक्ति ने कहा है कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है कुछ वर्षों पूर्व तक चांद और मंगल ग्रह पर जाना, मोबाइल पर बात करना असंभव था लेकिन आप जैसे ही कुछ विद्यार्थियों ने चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आज यह संभव बना दिया है.

हमें चुनौतीयो से कभी घबराना नहीं चाहिए बल्कि इन्हें शिकार करके दुगनी गति से आगे बढ़ना चाहिए. किसी लक्ष्य को पाने में वक्त जरूर लगता है लेकिन उसे हासिल किया जा सकता है.

आजकल लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं हर तरफ नकारात्मक वातावरण बना कर रखते है जिसके कारण विद्यार्थी परेशान हो जाता है और इसके कभी-कभी तो गंभीर परिणाम भी देखने को मिलते है.

मैं आप सभी से एक ही बात कहना चाहूंगा कि लोग आपको हमेशा अपने से नीचा देखना चाहते हैं इसलिए वे भरपूर कोशिश करेंगे कि आप कभी आगे नहीं बढ़ पाओ. लेकिन आपको अपना लक्ष्य बनाकर लगातार उसको पाने की कोशिश करना है और सफल हो कर दिखाना है.

विद्यार्थियों आज मैं आपको जीवन में सफल होने के लिए एक और बात बताना चाहूंगा कि हमारे देश में कई महान लोग हुए हैं जिन की जीवनी या उनकी लिखी हुई किताबें आपको जरूर पढ़नी चाहिए इससे आपके जीवन को नई दिशा मिलेगी. एक बार मैं फिर से सभी को देश के सबसे बड़े उत्सव गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं देना चाहूंगा इसी के साथ मैं अपने शब्दों को विराम देता हूं. जय हिंद वंदे मातरम

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गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Karan Sharma
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